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बड़ा दर्द हो रहा है क्या कहे .... poetry/ kavita

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बड़ा दर्द हो रहा है क्या कहे .... poetry/ kavita  बड़ा दर्द हो रहा है क्या कहे  जब से दूरी बड़ी आंखों में बस पानी ही पानी.. बड़ा दर्द हो रहा है क्या कहे  जब से दूरी बड़ी आंखों में बस पानी ही पानी.. जब से दूरी बड़ी आंखों में बस पानी ही पानी.. कही से तेरी खबर मिल जाए  तो मेरे तड़पते दिल को सुकून मिल जाए उम्र भर तेरे साथ रहने का वादा था मेरी नज़र में तू ही मेरा जहां था बड़ा दर्द हो रहा है क्या कहे  जब से दूरी बड़ी आंखों में बस पानी ही पानी.. रूठने की कोई वजह नहीं थी  तेरे सिवाय मेरी और कोई कहानी नहीं थी मुझे तो तू ही हमसफर मिल जाए ये तमन्ना थी मेरी भटकी ज़िंदगी को तेरा ही सहारा मिल जाए ये आस थी बड़ा दर्द हो रहा है क्या कहे  जब से दूरी बड़ी आंखों में बस पानी ही पानी.. रहनुमा लगा तू मुझे मेरी कठिन ज़िंदगी में चिराग लगा मुझे अंधेरे राह पर  हसी मिली तेरे चेहरे को देखकर महकी महकी तेरी खुशबू आती थी जब चलती थी पवन बड़ा दर्द हो रहा है क्या कहे  जब से दूरी बड़ी आंखों में बस पानी ही पानी.. बस खो जाता खुद को और गम भूलकर बस तेरा नाम लबो पर  गीत इश्क का ...