Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता..........पंछी



    Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता


पंछी


पंछी कहता है उडजा  मेरे संग छूने आसमा,

चलो बसाये ख़्याबो  का नया जहाँ 

प्यार की खूशबू हो, सच्चाई की बाहार ,

जाहा भी देखू  खूशिया ही  खूशिया हो,

 गम के किनारे बन जाये, रोशन हो नज़ारे

जो  रूठे है चलो आज ऊनको मनाये

और तूझे क्या चाहिये प्यार के सिवाय

कूछ भी नही ले जाना है अपने याद के सिवाय

मुश्किल ये सफर होनेवाला है,

तू तो वो है जो हारकर भी जीतने वाला है

बात मेरे यार याद रखना बस सचाई की रहा पर चलना 

माना कि कहना है आसान पर निभाना है मुश्किल

 एक दिन ये भी हो जायेगा ,यहाँ  सच्चाई का  राज होगा 

    पंछी कहता है उडजा मेरे संग छूने आसमा 
                                                                              
                                                                           by sanjay T





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अब आसु ही साथी है…. poetry

Hindi poem, Hindi kavita ,हिंदी कविता ...................काटे

Ye praarthana sun mere shiv shambhoo bhole baaba Har har Mahadev, Maha Shivaratri Bhajan/ Geet