Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता.............पानी


Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कवित


पानी


में पानी कि  बहती  धार  हूँ  

हर बंधन से आज़ाद हूँ

ना मुझे  किसी सरहद  का डर है

ना किसी इंसान का भय 

मुठी में ना कोई मुझे पकड़े

ना कोई जिंजीरो में ना कोई  जकड़े पाया 

बेहना है मुझे हर जगह पर

थहर ना किसी के कहने से

में अपनी मन की रानी हु

जहाँ मुझे चाहिऐ रहना है

जब चाहे मुझे बहना है

सैलाब भी में हु, खामोश सागर भी में हू 

तेरे नल से  टपकता बुंध भी में हु

दुःख के आशु भी में  खुशी मोहल में भी

अमृत जिसे कहते है वो में हू 

 जिस बूँद बूँद के लिये तरसते दुनिया वो पानी हूँ में 

                                by Sanjay Teli



love hindi shayari

then just click on

👇

https://shayaridilke.blogspot.com




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अब आसु ही साथी है…. poetry

Dil ko chu lene vali zindagi bhari shayari Shayari poem by Sanjay T दिल को छू लेने वाली प्यार भरी शायरी

Ye praarthana sun mere shiv shambhoo bhole baaba Har har Mahadev, Maha Shivaratri Bhajan/ Geet