Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता.........हवा


    Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता


हवा


ठंड और गर्म का ये कैसा येहासा है

ये तो हवा हवा है ज़िसका मज़ा और है 

तुम उसे कहाँ ढूढ़ते हो ये तो ना यह है या वहा है

हाथ में न आये , आँखो से ना दिखें

ये ना जाने महज़ब कि दीवार ,ना सरहद का करवा

ईसका  का नही है मोल ये तो हे अनमोल

कूच हो रहा हे जो इसमें है दोष

प्रदुषण जिसे कहते है वो हो रहा है

हवा को ना करो  दूषित  ये है जान से भी बढ़कर

तड़पना ना पड़े इसके लिये काम ना हो इसका स्तर

खुशबू भी लाती है मन को भी लुभाती है 

हो ना हो हवा ज़िन्दगी बनती है 

यही तो है खुदरतका खेल हवा है सब से बेमेसला ST 

                                          by Sanjay Teli

love hindi shayari

then just click on

👇

https://shayaridilke.blogspot.com

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

तू मुझे छोड़कर चली..Payar maine dil tutnevali kavita Best sad shayari poetry in Hindi

Dil ko chu lene vali zindagi bhari shayari Shayari poem by Sanjay T दिल को छू लेने वाली प्यार भरी शायरी

अब आसु ही साथी है…. poetry