दिल की धड़कन तेज़ हो रही है.. poetry|| kavita || poem

 दिल की धड़कन तेज़ हो रही है..

poetry|| kavita || poem


दिल की धड़कन तेज़ हो रही है

दिल की धड़कन तेज़ हो रही है  

तुझसे मिलने की बेताबी बढ़ रही है

ये हाल दोनों के हो गए 

तुझसे मिलने की बेताबी बढ़ रही है

ये हाल दोनों के हो गए 

उम्र भर साथ रहने के पल करीब आ गए

तू मेरी और मैं तेरा हो गया

जाने कितने दिनों तक तेरी राहें देखी

जाने कितने दिनों तक दूरी बनी

दिल की धड़कन तेज़ हो रही है  

तुझसे मिलने की बेताबी बढ़ रही है

ये हाल दोनों के हो गए 

होता नहीं इंतज़ार तेरे बिना रहना

अब मुश्किल हो गया

मिलकर तुझ से जाना प्यार का किस्सा

कभी यादों में तेरे तड़पे कभी

तुझ से मिलने की सोच से शर्माए 

दिल की धड़कन तेज़ हो रही है  

तुझसे मिलने की बेताबी बढ़ रही है

ये हाल दोनों के हो गए

तू मेरी आरज़ू तू ही मेरा नसीब

शुरू होने वाला है अपने जीवन का सफ़र 

कुछ दिनों में हम करीब आ गए

ज़िंदगी में नए रंग भर गए 

मंज़र हो खूबसूरत होने वाला है .

हम अब एक होने वाले है 

दिल की धड़कन तेज़ हो रही है  

तुझसे मिलने की बेताबी बढ़ रही है

ये हाल दोनों के हो गए

चलेंगे हम दोनों  साथ साथ 

होंगे हमेशा के लिए हाथों में हाथ

हर मुश्किल दोनों मिलकर दूर करेंगे

खुशी हो या गम हम दोनों मिलकर सहेंगे

कुछ पलो का इन्तज़ार 

फिर तू मेरे बाहों में वो मेरे यार

दिल की धड़कन तेज़ हो रही है  

तुझसे मिलने की बेताबी बढ़ रही है

ये हाल दोनों के हो गए

Poem by Sanjay T 

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