thodee see zindagee jeeta hu.... poetry (थोड़ी सी ज़िंदगी जीता हु..कविता )

thodee see zindagee jeeta hu.... poetry

 (थोड़ी सी ज़िंदगी जीता हु..कविता )

 थोड़ी सी ज़िंदगी जीता हु

प्यार मोहब्बत से गुज़ार लेता हु

थोड़ी सी ज़िंदगी जीता हु

प्यार मोहब्बत से गुज़ार लेता हु

मेरी कहानी बस उम्मीद है 

कोई मेरे साथ नहीं फिर भी मुझ में हिम्मत है 

आरज़ू तमन्ना बेशुमार है

हा हा थोड़ी सी खुशी भी तो मिल रही है 

ख़्वाब बोहत है इस दीवाने के 

पूरे करने की जिद्द भी है 

थोड़ी सी ज़िंदगी जीता हु

प्यार मोहब्बत से गुज़ार लेता हु

कितना भी दर्द हो सह लेंगे 

कुछ ना कहूंगा फिर भी मुस्कुराएंगे 

नामुमकिन कुछ नहीं होता 

बस थोड़ी मेहनत ज़रूरी है 

थोड़ी सी ज़िंदगी जीता हु

प्यार मोहब्बत से गुज़ार लेता हु

अपनी मंज़िल पाने के लिए

तू आसान सी राह चुन लेता

मगर हो तेरी मुराद पूरी ये ज़रूरी तो नही

देर लगेगी पर उदास होना नहीं 

उम्मीद तो हमेशा ज़िंदा रहती है 

थोड़ी सी ज़िंदगी जीता हु

प्यार मोहब्बत से गुज़ार लेता हु

हौसला तेरा बुलंद हो 

अंधेरी रात के बात सवेरा ज़रूर होता है 

कुछ भी हो आशा की किरण  दिखती है 

मेरा किस्सा ज़रूर सुना जाएगा 

आज नहीं तो कल मुझे कामियाबी भी मिलेगी

थोड़ी सी ज़िंदगी जीता हु

प्यार मोहब्बत से गुज़ार लेता हु.

Poem by Sanjay T 



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