Dil ka khona ye khel pyaar ka दिल का खोना ये खेल प्यार का Poetry Shayari…..
Dil ka khona ye khel pyaar ka
दिल का खोना ये खेल प्यार का
Poetry Shayari…..
ये तो होना था मौसम आशिकाना
दिल का खोना ये खेल प्यार का
ये तो होना था मौसम आशिकाना
दिल का खोना ये खेल प्यार का
तेरा मुस्कुराना गजब धा गया
दिल मेरा खो गया दिल मेरा खो गया
तेरा मुस्कुराना गजब धा गया
तेरा देखना मुझे कमाल हो गया
दिल मेरा धड़का दिल मेरा धड़का
तेरा देखना मुझे कमाल हो गया
ये जो जादू चल गया
मोहब्बत मोहब्ब्त का समा बन गया
मोहब्बत मोहब्ब्त का समा बन गया
ये तो होना था मौसम आशिकाना
दिल का खोना ये खेल प्यार का
दिल का खोना ये खेल प्यार का
आके मेरी बाहों में फिर ना जाना
जुड़ कर मुझ से दूर ना जाना
एक ख्वाब ऐसा देखा मेरे आखों ने
वो पूरा होगा हम को है यकीन
वो पूरा होगा हम को है यकीन
ये तो होना था मौसम आशिकाना
दिल का खोना ये खेल प्यार का
चाहत मेरी क्या होगी
तू मेरी बन जावो हमेशा के लिए
बस इश्क की आच भी मिल जाए
तो खुशी की बात होगी
बस इश्क की आच भी मिल जाए
तो खुशी की बात होगी
ये तो होना था मौसम आशिकाना
दिल का खोना ये खेल प्यार का
ज़िंदगी रंगीन खुशमिजाज़ और ज्यादा होगी
मेरा नसीब तेरे लिए बना
तू मेरी लकीर जो मेरे साथ हे हमेशा के लिए
तू मेरी लकीर जो मेरे साथ हे हमेशा के लिए
ये तो होना था मौसम आशिकाना
दिल का खोना ये खेल प्यार का.
Poem by Sanjay T

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