तू तो मेरी ज़िंदगी बन गई है .. poetry / Shayari
तू तो मेरी ज़िंदगी बन गई है .. poetry / Shayari
आजकल दिल मेरा संभलता नही है
मेरा प्यार कुछ पलो के लिए दूर जो गया है
मेरी तलाश अब तक शुरू है
दूर हो के भी इंतज़ार अभी भी है
क्या कहू इश्क का ऐसा सुरूर है
जो थमने का नाम नहीं लेता
आय दिन बस तुझे ढूंढता है
बेचैनी पल पल बढ़ती है
आजकल दिल मेरा संभलता नही है
मेरा प्यार कुछ पलो के लिए दूर जो गया है
सज़ा ये उम्र भर की लगती है
मेरी सांसे मेरा वजूद तू जो बन गया है
नहीं ये मजबूरी नहीं है
तू तो मेरी ज़िंदगी बन गई है
दूरी जो तुझ से है कुछ पल का सफर है
आजकल दिल मेरा संभलता नही है
मेरा प्यार कुछ पलो के लिए दूर जो गया है
निगाहे मेरी अभी भी तेरे आने के
राहो पर टिकी है
कभी कभी उन ख्वाबों को
हकीगत में बदलने के लिए
उन खुशियों को कुछ देर
के लिए भूलना पड़ता है
बस दुआ ये रब से है देर ज़्यादा ना हो जाए
आसु हद से ज़्यादा ना बह जाए
आजकल दिल मेरा संभलता नही है
मेरा प्यार कुछ पलो के लिए दूर जो गया है
पुकार मेरी तुझ तक ज़रूर आयी होगी
हाले दिल मेरा तूने जाना होगा
आजा वो इस दीवानी की सदा सुनकर
इश्क इतना है तुझ से
ज़िंदगी का हर लम्हा जुड़ा तुझ से
आजकल दिल मेरा संभलता नही है
मेरा प्यार कुछ पलो के लिए दूर जो गया है .
Poem by Sanjay T

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