poetry || Shayari मोहब्बत हो गयी. {Mohabbat Ho gayi}
poetry || Shayari मोहब्बत हो गयी. {Mohabbat Ho gayi} क्या है ये प्यार वो मेरे यार वो मेरे यार तेरे आधे अधूरे प्यार में हम बहके बहके फिर दूर होने का क्यू डर सा लगने लगा तू नहीं है मेरे पास ये दर्द कितना गहरा है पर हम संभलने लगे प्यार तुम से करने लगे तुमे भूलाने की कोशिश लगता है नाकाम हो गयी तुम से इश्क की आदत हो गयी मोहब्बत हो गयी. Poem by Sanjay T ****************************