aaeena hai too mere zindagee ka आईना है तू मेरे ज़िंदगी का Poetry Shayari…..
aaeena hai too mere zindagee ka
आईना है तू मेरे ज़िंदगी का
Poetry Shayari…..
हर बात तेरी मान जाती हूं
खुदा के बाद तुझे ही पूजती हूं
इतनी तूने इनायत दी है
आईना है तू मेरे ज़िंदगी का
इतनी तूने इनायत दी है
आईना है तू मेरे ज़िंदगी का
इसलिए तुझे देखती रहती हूं
हर बात तेरी मान जाती हूं
खुदा के बाद तुझे ही पूजती हूं
जब जब तुझ से मुलाकाते होती है
सुद्ध बुध खो जाती है हमारी
ऐसा तेरे बातो का आलम होता है
सारा संसार मेरे साथ होता है
हर बात तेरी मान जाती हूं
खुदा के बाद तुझे ही पूजती हूं
जब जब तुझ से मुलाकाते होती है
जब तू ही तू हर जगह होता है
एक दिन तेरी मेरी बस्ति होगी
उस में तेरा मेरा सपना होगा
उस में तेरा मेरा सपना होगा
हर बात तेरी मान जाती हूं
खुदा के बाद तुझे ही पूजती हूं
याद करेगा जब जब ये ज़माना
हम दोनों का नाम बुलंदी पर होगा
याद करेगा जब जब ये ज़माना
हम दोनों का नाम बुलंदी पर होगा
हर बात तेरी मान जाती हूं
खुदा के बाद तुझे ही पूजती हूं .
Poem by Sanjay T

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