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poetry || Shayari हाले दिल हुआ बद से बत्तर haale dil hua bad se battar

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poetry || Shayari हाले दिल हुआ बद से बत्तर haale dil hua bad se battar बस मेरा वक्त तेरे दायरे तक रहा और तू बेजोड़ हकीगत की दुनिया से जुड़ी रहा  ये पागल दिल कहा जानता था  इश्क की दुनिया के परे और भी जहां है ***************************************** सामना मेरा जब यार से होता है  तब मैं भूल जाती हू मेरी ये आखरी मुलाक़ात है  पर अगली मोहल्लत मिली ही जाती है आखिर इश्क थोड़े ही भुला जाता है ********************************************* आपकी तारीफ में हर रोज़ बाते किया करते है ताकि मन बदल जाए मुझ से जुदाई का मोहब्बत का जब से आगाज़ हुआ था  कहा सोचा था इश्क की मंज़िल अधूरी रह जाएगी. ********************************************* खुश था तब तक जब तक तू मेरे साथ थी तुझ से बिछड़ने के बाद  हाले दिल हुआ बद से बत्तर ********************************************* अब तुझे भूल कर हाल मेरा ये होगा मेरी ज़िंदगी बस आसु में भीगकर गुज़रेगी Poem by Sanjay T  **************************** bas mera vakt tere daayare tak raha aur too bejod hakeegat kee  duniya se judee raha...