poetry || Shayari नाराज़ दिल की कहानी यही है naaraaz dil kee kahaanee yahee hai
poetry || Shayari नाराज़ दिल की कहानी यही है naaraaz dil kee kahaanee yahee hai कुछ पल में बदलने लगा तेरा रूप हमें तो बस तेरे चाहत की आस थी बस इसी के हम प्यासे थे अब वो कभी ना बुझेगी नाराज़ दिल की कहानी यही है उसका साथ छोड़ना. तेरी बेरुखी मेरे जान पर बन आयी और कितना तुझ से दूर जाते देखो तो हम जीते जी मर जाते नाराज़ दिल की कहानी यही है उसका साथ छोड़ना ज़िंदगी को हमे बड़े अरमान से सजाया था अगर मिलता जो तेरा साथ तो सफ़र वो पूरा होता वो नज़ारा सब से हसी होता पर कुछ ख़्वाब बस आंखों में ख़ूबसूरत नज़र आते है पर हकीगत से दूर का वास्ता होता है नाराज़ दिल की कहानी यही है उसका साथ छोड़ना… Poem by Sanjay T ************************ kuchh pal mein badalane laga tera roop hamen to bas tere chaahat kee aas thee bas isee ke ham pyaase the ab vo kabhee na bujhegee naaraaz dil kee kahaanee yahee hai usaka saath chhodana. teree berukhee mere jaan par ban aayee aur kitana tujh se door jaate ...