Poetry|| shayari बड़ा दर्दनाक किस्सा है bada dardanaak kissa hai
Poetry|| shayari बड़ा दर्दनाक किस्सा है bada dardanaak kissa hai दूरी तुम से बेचैनी बढ़ाती है साथ तेरा रहना राहत भरा पल होता है मुझे इश्क की लत लगी है ये जादू किस्मत वालो के नसीब में होता है. हो गया मुझे इश्क क्या करे बस में नहीं था हाले दिल मेरा अब रोज़ की मुलाकाते हमें आप के और करीब लाएगी ज़िंदगी मेरे नए रंगों में रंग जायेगी. बड़ा दर्दनाक किस्सा है आज इश्क बाज़ार में बिकता है जिसके पास ज़्यादा दाम उसी की बाहों में मेहबूब की शाम और वफा तो बस ये देख कर आसू बहाती है. हम किस्मत की लकीरों के हिसाब से नहीं चलते खुद के काबिलत पर भरोसा है मेहनत का जोश है सोच नेक है फिर कामीयाबी मुझे ज़रूर चूमेगी. Poem by Sanjay T poetry || shayari bada dardanaak kissa hai bad dardanaak kiss hai dooree tum se bechainee badhaatee hai saath tera rahana raahat bhara pal hota hai mujhe ishk kee lat lagee hai ye jaadoo kismat vaalo ke naseeb mein hota hai. ho gaya mujhe ishk kya kare bas mein nahin tha haale dil mera ab roz kee mulaa...