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poetry || Shayari क्यू तू मेरी बन ना सकी ये कहानी अधूरी kyoo too meree ban na sakee ye kahaanee adhooree

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 poetry || Shayari क्यू तू मेरी बन ना सकी ये कहानी अधूरी kyoo too meree ban na sakee ye kahaanee adhooree यकीन नहीं हो रहा है                जिस इश्क पर नाज था वो बेवफा लग रहा है  आज दूरी तेरी देखो कैसे तड़पा रही है  याद तेरी हरपल आ रही है  पर साथ मेरे जुदाई का दर्द भी तो चल रहा है  क्यू तू मेरी बन ना सकी  ये कहानी अधूरी अधूरी. ****** कभी कभी नज़र आती है वो भरे बाज़ार में और हम लुटे नज़र आते है सारे लोगों के बीच इश्क तो आज भी है  पर मुझे महंगा लगता है सौदा  बिकी हुई इश्क की मंडी में. ***** सोच बस यही थी आज नहीं तो कल  ये वक्त गुज़र जाएगा प्यार फिर से बरस जाएगा हम रोज़ उसे मिलने आते थे  पर इंतज़ार कितना करता ये नादान दिल नाराज़ दिल की कहानी यही है  उसका साथ छोड़ना … ***** Poem by Sanjay T  **************************** poetry || shayari kyoo too meree ban na  sakee ye kahaanee adhooree yakeen nahin ho raha hai  jis ishk par naaj tha vo bevapha lag raha hai  aaj dooree teree de...