poetry || Shayari ये बेकरारी अच्छी लगने लगी yeh bekarari acchi lagne lagi
poetry || Shayari ये बेकरारी अच्छी लगने लगी yeh bekarari acchi lagne lagi तेरी दिल लगी मुझे भा गयी जब से तू मेरी हो गयी तब से खुशी की कोई कमी रही नहीं दिल लगी ये मेरी दिल लगी आरज़ू पूरे होने का मिला जरिया मुझे जो तू मेरे साथ नहीं तो कुछ भी नही तू जो कभी दूर गयी पर मिलन तेरा हुआ चाहे देर से सही ये बेकरारी अच्छी लगने लगी दिल लगी ये मेरी दिल लगी इश्क की कहानी बड़ी दिल कश रही थोड़ी सी और नज़दीकिया बड़ने दे साथ अपना हमेशा के लिए अटूट होने दे दिल लगी ये मेरी दिल लगी चला था में राह मोहब्बत की मंज़िल तो मुझे तेरे रूप में मिल गयी दिल लगी ये मेरी दिल लगी साथ तेरा उम्र भर निभाने का इरादा है ये मैंने जिद्द बनाई है जो ज़रूर पूरी होगी दिल लगी ये मेरी दिल लगी. teri dil lagi mujhe bha gayi jab se tu meri ho gayi tab se khushi ki koi kami rahi nahin dil lagi yeh meri dil lagi arzu poore hone ka mila jariya mujhe jo tu mere saath nahin to kuch bhi nahi tu jo kabhi door gayi par milan tera hua chahe...