Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता............मुराद


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 मुराद


मोहबत भरी रात बड़े मुराद बात आई है

तुझसे  मिलने की आस इसे जुड़ी हे

जुदाई ने  क्या हाल बनाया

अंगरौ पर चालते रहे और काहते रहे ये तो

मेरे महबुब की दीदार की तालीम है

शामियाना मैने मेरे यार -र -सुकुन के लिए सजा है

देखते है मेरी किस्मत की दीवारे कीतनी मज़बूत है

बस उनके कदम मेरे गलीयो तरफ बड जाये

बड़ी लंबी ये कहानी ना बनज़ये बस इतनी है ख्वाहिश 
    
 आज देखा और कल मिलन हो जाये

                    मोहबत भारी ये रात यादगार बनाजये......by sanjay Teli


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