poetry || Shayari मंज़िल की तलाश में manzil kee talaash mein

 poetry || Shayari

मंज़िल की तलाश में

manzil kee talaash mein



एक इंसान मंज़िल की तलाश में

भटकता रहता है 

तो कोई बेईमान दूसरे का हिस्सा छीनकर

खुद पर इतराता है 

पर तू मुश्किल दौर में भी डटा हुआ है 

ये तेरा हौसला हर बुराई को तोड़ देगा

सोचा जो तूने वो तुझे ज़रूर मिलेगा

देख रहा हु मेहनत और चमकता हुआ 

पसीना सब कुछ बयान कर रहा है 

हा तूने सबक तो सिखा होगा 

हर परेशानी में कुछ लोग साथ छोड़ देते है…

पर तू और निखर जाता है इसी मुसीबत से

तेरी हिम्मत जो बढ़ रही है 

वो तेरे सबर का नतीजा हे

और तेरे जो ख्वाब है वो सवार रहे है

तू उदास ना हो अगर देर हो जाए 

जो तूने सोचा वो ना मिले तो

कामियाबी का मिजाज़ जरा सा टेढ़ा होता है 

अगर आसानी से मिल जाए 

तो उसका मोल कम हो जाता है 

तू बढ़ता जा आगे बढ़ उसी हिम्मत से 

मंज़िल सज कर बैठी है 

तेरी आने की खुशी में.


Poem by Sanjay T 

****************************


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अब आसु ही साथी है…. poetry

Dil ko chu lene vali zindagi bhari shayari Shayari poem by Sanjay T दिल को छू लेने वाली प्यार भरी शायरी

Ye praarthana sun mere shiv shambhoo bhole baaba Har har Mahadev, Maha Shivaratri Bhajan/ Geet