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Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता............उस की याद

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता उस की याद मन मेरा उसकी याद करके सोचते  है वो कहा होगी जाने कीतने साल बीते उससे जुदा हो के उस से जब बाते होती थी वक्त का पता कहा चलता था अब तो समय बस उसकी यादों में थमा है हम तो उसके साथ लम्बे सफर में चले थे पर साथ उसका  बीच राह में जाने कहा छूट गया  मज़बूरोका आलम था वो भी गहरा  बात तेरी उल्ज़ी लगे मुझे कहा से आई डोलत सौरत की मज़बूरियां थामा था तेरे साथ प्यार की खूबसूरती देखकर  पर हमे  कहा  पता था   होते नही हर सपने पूरे जो तुम देखो  चलो यैसी हि  जीते है ज़िन्दगी उन के बीना कूच उन की अछी मठी यादो  के साथ फीर ना वो वक्त लोटकर  आयेगा  ,फीर ना उन से नज़रें मीलीगी ना होगी उन से प्यारी कि बातें  होगी ना  वादों कि  सौगाते होगी                बस जीते है मन में उसकी यादो के साथ  .. ....    st                   ...

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता.........हवा

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता हवा ठंड और गर्म का ये कैसा येहासा है ये तो हवा हवा है ज़िसका मज़ा और है  तुम उसे कहाँ ढूढ़ते हो ये तो ना यह है या वहा है हाथ में न आये , आँखो से ना दिखें ये ना जाने महज़ब कि दीवार ,ना सरहद का करवा ईसका  का नही है मोल ये तो हे अनमोल कूच हो रहा हे जो इसमें है दोष प्रदुषण जिसे कहते है वो हो रहा है हवा को ना करो  दूषित  ये है जान से भी बढ़कर तड़पना ना पड़े इसके लिये काम ना हो इसका स्तर खुशबू भी लाती है मन को भी लुभाती है  हो ना हो हवा ज़िन्दगी बनती है  यही तो है खुदरतका खेल हवा है सब से बेमेसला  ST                                              by Sanjay Teli love hindi shayari then just click on 👇 https://shayaridilke.blogspot.com

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता...........गर्मी आई

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता गर्मी  आयी   पसीना की धारा बहनी लगी  गर्मी का मौसम केेे साथ,सुरज़ चीढाने  लगा बचो की मस्ति ग्राउंड पर दिखानी लगी ,बागों में आम के पेड़  तो शायद कहा मिले , गांव या शहर में उलझे है हम छुटी का प्लान जाने कब से है  यहा जाना या वहाँ जाना  मेरे पसंद के जगहा घूमे चलो आम भी जामुन भी मीलिगे इसेक्रेम के फवारे उड़ेंगे बच्चो  की घर मे ढामाल होगी टीवी तो दिन भर चलेगी मामा के घर जाना है जाने कब से ये सोचकर रखा है  मेरे घर मे ऐसी नही है फैन से कम चलना है पानी की कमी होती है ,डर डर भटकते लोग दुःख होता हे ये देखकर  टैंकर भरा पानी का आया तो लोग भाग उठे है पानी  आया पानी आया ऐसे चीलाते है  थक जाती ज़िंदगी ईस गर्मी से बह जाता है पसीना पानी बनकर तो मेरा है कहना इस गर्मी में ज़्यादा पानी है पीना और पाने जको बर्बाद नही हे करना  st                         ...

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता...............अरमानो का चाँद

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता अरमानो का चाँद मुझे कोई अरमानो का चाँद देदे  ताकी मेरे सपने सदा चमके रूटी गलिया  फिर  से मुस्काये दिल का सुकन फिर से आबाद हो माना कि तकफीलियो का ज़माना था पर वो हँसी अफ़साना था समज़ आया ज़िंदगी का फलसफा  आज मीठ लगता है हर लम्हा तुम ने रोशनी के चिराग़ जलाये अंधेरे तेरे मन मे अभी क्यू है बात अब अपनो या पराये की रही नही सब को साथ लेकर चलना यैसी बात हो तुम्हें अपना बनके ऐसा लग प्यार का यही था पैमाना मेरे मन की उलझनों को अब सुलझने का नया आयाम मीला बात बिगड़  ना जाये इसलिए ज़ुबा पर शहद की चटक लगाई है, हर तरफ वफा के बाते पहलाई  है   मुझे कोई अरमानो का चाँद..... मौसम भी खुसनुमार हुआ है, मन मे नई उमंगे है मुझे खुशी हर लम्हा मील था   बस कुच पल का गम   सा छाया था  जो यैसी मीठ गया जो मुझे यकीन दे गया ये भी तो जीवन का भाग है   तो मुझे कोई अरमानो का चाँद......   st                ...

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता...............खूबसूरत सफर

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता खूबसूरत सफर चलो खूबसूरत सफर में ले चलता हूं चलो प्यार के राह नीकलते हूं साथ तेरा मेरा ईतना खास होगा छूटेगा ना ये मरते दमतक बसेरा होगा  यहां  खाबों- ख़यालो का सच्चा  होगा मन का यह सपना कुच तुम्हारी मन की बाते सुनेगे    कूच अपनी कहेगे,          चलो खूबसूरत सफर में ले ... दूर दूर तक ना नफरत होगी  बस प्यार की बरसात होगी तुम बस अपने आरमन सजाना हम बस उने पूरा करने तक होंगे ना ज़ुदा चलो ठहर जाते यहाँ  जो मिला हे हमें  मन्ज़िल का जहाँ     st                                    by  Sanjay Teli ove hindi shayari then just click on 👇 https://shayaridilke.blogspot.com

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता....चुनाव

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता  चुनाव  चुनाव का मौसम है,  प्यार की बातों वाले फल पकने वाल हे  रैलियों की बादल छाएंगे वादों की बरसात होगी  घर में आएंगे मेहमान बंदकर वोट चुरा के लेजाएंगे दिखाता जो चेहरा पाच साल पहले अब याद नही है क्या है वो आपना सा जाने कीसकी जेबसे उठेगे जशेन के फवारे ये इस पार्टी से वो उस पार्टी से ऐसा होगा आन जाना अपना कम हो जाये बस यही है सोच बस मील जाये वोट हमें ,यही तो है अपना मकसद ऐसी सोच रखनेवाले से सभांल ज़रा एक दूसरे पर उठाएंगे सवाल ज़ीन का नही कोई जवाब बात दूर तक जयेगी ऐसा हंमे लगता है पर रात को एक दूसरे के बारे में बात करगें जन मन का त्योहार है ,अपना हक आज़माना है बातों में कीसी के उलझना नही हैं जो सही लगे वो ही करना है चुनाव का मौसम है........                                           by Sanjay Teli love hindi shayari then just click on 👇 https://shayaridilke.blogspot.com ...

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता...........तू कोन है

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता तू  कोन  है                                                                                        तू कोन है ,तेरा नाम  ख्या है, सोचने को तू मजबूर ईतना तू गूम है मोबाइल की दुनिया मे हर  वक्त  हर कोई सोसल मिडिया पे बस गया   रहै  कोई किसी को मीलता नही है ,बस मोबाइल पर बाते होती है जिंदगी ईतनी मजबूर होगयी, है फूरसत के पल मिलना मुसकील होगयी है,तू कोन है तेरा नाम ख्या है... हैसी आदत होगयी है बस उंगलीओ से चाहत हो गयी है बसती है हमारी दूनिया बस selfie मै,दिनकी सूरवात होती है लाईक मे, ख्या यैसी चलती रहैगी जिंदगी हमारी ,फूल बटरी ओर रीचार्ज पर, तू कोन है तेरा नाम ख्या है.....   bySanjay Teli love hindi shayari then just click on 👇 https://shayaridilke.blogspot.com ...

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता...... poem आईपीएल , IPL Poem

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता poem आईपीएल ,IPL Poem छक्के  चोके की बारीश  हो गई आईपीएल के बादल छाये जोश भरा मोसम आया  अपनी अपनी टीम बाटली  उनका जोश बढ़ाने का नया  तरीका भी सोच लिया टिकट  मिलना  भी मुश्किल  है लम्बी बड़ी लाइन है चलो ऑनलाइन से भी काम चलाते है  आज़ ऑफिस से है जल्दी जाना थोड़ा सा भी नही मैच चुकाना जल्दी है घर से निकलना कही ट्राफीक  में ना फस जाये  कितने दिनों से प्लान कीय था आईपीएल के मैच  देखना स्टेडम में पोछ गये , लोगो  का जोश देखा  हल्ला  गुला चारो और टॉस की बारी आई कप्तान भी नज़र आये मेरे फेवरेट थे वो दोनों प्लेयर आज खेल रहे  जुदा  होके खेल सुरु हुआ रन बढ़ने  लगे  बढ़ता स्कोर देखकर  दिल की  धड़कने  बढ़ने  लगी,  आईपीएल  है  आईपीएल   है  खेल रोमांचक की तरफ  बढ़ने लगा  अब दूसरे टीम  ने भी अपना खेल खेला चलो मेरी टीम हार गई पर मज़ा तो आया ऐसा ही चलता रहेगा  आईपीएल का गर्म मौसम st     ...

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता......उल्ज़ी बातें

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता उल्ज़ी बातें मुझे कभी किनारा ना मीला हम सागर में बहते रहे इस उमीद में कोई तो मीलेगा और लेगा मुझे उस पर घबराता है दिल कही अधूरा न बह जाये अरमान  अरमानो का भी वज़ूद होता है  इसी में तो थोड़ा अपना जहाँ होता है, लंबी दूरी हमने तय करली प्यार की कहानी रंगली अब बेचेनी कम हुई ,तुम से यैसी दिल्लगी हुई मन्ज़िल मिली प्यास ना मै ना तरसा, तुम से जुड़ कार हरपल बेफीकार प्यार के हरपल  संग , तुम हम से हम तुम से जेसे  साँसों की डोर हम रहे तुम्हें खोजते पास होकर भी कहा है वो मेरा सपना जो में देखता था  अपना समझकर कहा है वो लोग ज़िसे में कहता था मेरे अपने मिलजाएँगे  मेरे साथ साथ चलने वाले, उल्ज़ी बातें सुल्ज़येगी . st                                                             by Sanjay Teli                 ...

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता.................होली

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता होली रंगो की शान, होली है उसकी जान  मोसम बदल गया है गरमी की ऐहसास लाया क्या भूल गये तुम होली है होली है सुख के भी रंग हो ,दुखा भी गुलाल उड़े भीगेग हर ज़रिया,रंगों में होगा जहाँ  तुम भी आना, वो चुपा है उसे भी लाना गुस्सा को भूल जावो सबको गले लगावो ज़रासी मस्ती हो पर संभलकर वो काम हो ये अचानक मन रुलाया, उस वीर सीपाई को नमन मेरा गोरी का आँचल भी भेंगेगा , किसी को  प्यार भी मिलेगा  भांग भी पियेंगे ठुमके भी लगे गीत भी गुणगुणयेगे  कूच पल के लिये सही गम तो भूलजयँगे  रंगो की शान, होली है उसकी जान                                                 by sanjay Teli love hindi shayari then just click on 👇 https://shayaridilke.blogspot.com

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता.............पानी

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कवित पानी में पानी कि  बहती  धार  हूँ   हर बंधन से आज़ाद हूँ ना मुझे  किसी सरहद  का डर है ना किसी इंसान का भय  मुठी में ना कोई मुझे पकड़े ना कोई जिंजीरो में ना कोई  जकड़े पाया  बेहना है मुझे हर जगह पर थहर ना किसी के कहने से में अपनी मन की रानी हु जहाँ मुझे चाहिऐ रहना है जब चाहे मुझे बहना है सैलाब भी में हु, खामोश सागर भी में हू  तेरे नल  से  टपकता बुंध भी में हु दुःख के आशु भी में  खुशी मोहल में भी अमृत जिसे कहते है वो में हू   जिस बूँद बूँद के लिये तरसते दुनिया वो पानी हूँ में                                  by Sanjay Teli love hindi shayari then just click on 👇 https://shayaridilke.blogspot.com

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता...........मुस्कुराती काली

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता मुस्कुराती काली                                                                                     मुस्कुराती काली खिली और सोचन लगी   आज़ किस  भगवान के गले का हर बनुगी,या चरणों मे पड़ी रहूँगी   या किसी रूटी हुई मेंहबूबा को मनाऊंगी   या किसी सुहागन के ज़ुल्फो में सज़ुगी  या नई दुल्हन के हर में इतराऊँगी  या किसी बीमार इंसान के फूलो क़े गुलदस्तों में बाहार लाऊंगी  या किसी नेता के हर की शान बनुँगी   या  किसी कि अर्थी मे रोऊंगी  या सारा दिन किसी की राह दखते ऐसी हि मुरझाके  टूट पडूँगी  मुस्कुराती काली  सोचन लगी.                                   ...

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता...........वो लड़की

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता वो लड़की बागों में गुमसुम सा माहौल क्यों है फूलों में और भंवरों में अनबन  क्यों हैं जाने किस के इंतजर में दिल मेरे गुम है वो परी वो हुर ज़ीसक कायल हु में उस की खूबसूरती का आशिक हूं मैं दीवाना दीवाना लोग कहते हैं फिर भी उसका परवाना हु मैं कुछ पल का साथ नहीं है जन्मों का नाता है                                                            दिल के बातो को इस तरह बयां  किया गाने लगा मन नाचने लगे कदम चुलबुलापण तेरा मन को भाहे तेरी  सादगीपन  दिल को लुभाये  वो लड़की तू  है जिस गली में मेरा घर और तेरा आखरी घर st                                            by Sanjay Teli                 ...

Hindi poem, Hindi kavita,हिंदी कविता.........मेरा गाव

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Hindi poem, Hindi kavita , हिंदी कविता मेरा गाव मेरा  गाव   कही खोगया  जहाँ  मीठी  के घर हुआ करते थे वह इमारते बनगई, जहाँ आम के पेड़ थे वहां मोबाइल के टावर बनगये, छोटे आडे टेड़े रास्ते के जगह हाइवे बनगये नदिया ज़ाह खिलखीलाती थी वहां डैम बनगये रातो में हम ज़ूगुनु के साथ खेलते थे  अभी तो एलईडी को देखते है दिन रात खेल ने में दँग थे अभी तो मोबाईल के साथ गूम है   मेरा  गाव  कही खोगए ............... मेले में जाने के लिऐ पहले बेचने थे अब तो मॉल में जाने के लिये उतावाले होते है डाकिया कि राह पहले तकते थे  अब तो ईमेल से काम होता है  पेड़े के नीचे चौपाल पर बाते करते बुजुर्ग जाने कहाँ गये   दादा दादी के साथ हम चलते थे  अब तो वो आश्रम में दम लेते है    लगता है शहरों के भूल भूल राहो में  मेरा  गाव  कही खोगए ... st                                 ...